Amitabh Bachchan Sholay Italy: इटली में दिखा ‘शोले’ का जादू
अमिताभ बच्चन ने सुनाया ‘शोले’ का इटली वाला किस्सा: 2,000 लोग रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक देखते रहे फिल्म
भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार फिल्मों में शामिल ‘शोले’ का जादू आज भी सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। फिल्म को रिलीज हुए कई दशक बीत चुके हैं, लेकिन इसकी लोकप्रियता दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में आज भी देखने को मिलती है।
हाल ही में अमिताभ बच्चन ने ‘शोले’ से जुड़ा एक ऐसा दिलचस्प अनुभव साझा किया, जिसने एक बार फिर साबित कर दिया कि अच्छी कहानी और यादगार किरदार भाषा और सीमाओं से कहीं आगे निकल जाते हैं।
जब इटली में दिखी ‘शोले’
अमिताभ बच्चन ने बताया कि इटली के बोलोग्ना में ‘शोले’ की स्क्रीनिंग के दौरान करीब 2,000 दर्शक फिल्म देखने पहुंचे। यह सिर्फ एक सामान्य फिल्म स्क्रीनिंग नहीं थी, बल्कि भारतीय सिनेमा के एक ऐतिहासिक पल जैसा अनुभव बन गई।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘शोले’ के बहाल किए गए संस्करण को बोलोग्ना में बड़े ओपन-एयर स्क्रीन पर प्रदर्शित किया गया था। इस स्क्रीनिंग में बड़ी संख्या में स्थानीय दर्शक मौजूद थे।
रात 11 बजे शुरू हुई फिल्म, सुबह 3 बजे तक बैठे रहे दर्शक
अमिताभ बच्चन के अनुसार, लगभग 2,000 इटालियन दर्शक देर रात तक ‘शोले’ देखते रहे। फिल्म की स्क्रीनिंग रात करीब 11 बजे शुरू हुई और दर्शक सुबह लगभग 3 बजे तक फिल्म से जुड़े रहे।
सोचने वाली बात यह है कि ‘शोले’ एक हिंदी फिल्म है और इसके संवाद भारतीय संस्कृति से गहराई से जुड़े हुए हैं। इसके बावजूद इटली के दर्शकों का घंटों तक फिल्म देखना इसकी अंतरराष्ट्रीय अपील को दिखाता है।
50 साल बाद भी बरकरार है ‘शोले’ का जादू
15 अगस्त 1975 को रिलीज हुई ‘शोले’ ने भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक अलग पहचान बनाई। रमेश सिप्पी के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने जय, वीरू, बसंती, राधा, ठाकुर और गब्बर सिंह जैसे किरदार दिए, जिन्हें आज भी दर्शक याद करते हैं।
फिल्म में अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की दोस्ती को भारतीय सिनेमा की सबसे लोकप्रिय जोड़ियों में गिना जाता है। वहीं अमजद खान का गब्बर सिंह, हेमा मालिनी की बसंती और संजीव कुमार का ठाकुर भी सिनेमा इतिहास के यादगार किरदारों में शामिल हैं।
‘शोले’ का रिस्टोर किया गया संस्करण भी बना खास
फिल्म की 50वीं वर्षगांठ के मौके पर ‘शोले’ को एक नए बहाल किए गए संस्करण के रूप में भी प्रस्तुत किया गया। इस परियोजना में फिल्म के मूल संस्करण और कुछ हटाए गए हिस्सों को संरक्षित करने पर काम किया गया।
फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन के अनुसार, इस रिस्टोरेशन का विश्व प्रीमियर जून 2025 में बोलोग्ना के प्रतिष्ठित Il Cinema Ritrovato Festival में हुआ।
अमिताभ बच्चन के लिए क्यों खास है ‘शोले’?
अमिताभ बच्चन के करियर में ‘शोले’ एक बेहद महत्वपूर्ण फिल्म रही है। फिल्म में उनके निभाए जय के किरदार को आज भी दर्शक बेहद पसंद करते हैं।
अमिताभ ने पहले भी कई मौकों पर ‘शोले’ से जुड़ी यादें साझा की हैं। फिल्म के प्रीमियर और 70mm संस्करण से जुड़ा उनका एक पुराना किस्सा भी काफी चर्चित रहा है, जिसमें उन्होंने बताया था कि वह फिल्म देखने के लिए देर रात तक थिएटर में रुके थे।
‘शोले’ सिर्फ फिल्म नहीं, एक सांस्कृतिक पहचान है
‘शोले’ की सबसे बड़ी ताकत इसकी कहानी, किरदार, संगीत और संवाद हैं। यही वजह है कि नई पीढ़ी के दर्शक भी इस फिल्म को खोजते और देखते रहते हैं।
बोलोग्ना में करीब 2,000 लोगों का देर रात तक ‘शोले’ देखना इस बात का उदाहरण है कि एक बेहतरीन फिल्म समय और भाषा की सीमाओं से आगे जा सकती है। अमिताभ बच्चन का यह अनुभव भारतीय सिनेमा के लिए भी गर्व का क्षण है।
निष्कर्ष
Amitabh Bachchan Sholay Italy से जुड़ा यह किस्सा बताता है कि ‘शोले’ का प्रभाव सिर्फ भारतीय दर्शकों तक सीमित नहीं है। लगभग 50 साल बाद भी फिल्म की कहानी और किरदार दुनिया भर के दर्शकों को आकर्षित कर रहे हैं।
Amitabh Bachchan Sholay Italy का यह दिलचस्प किस्सा साबित करता है कि ‘शोले’ की लोकप्रियता सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है।
रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक करीब 2,000 लोगों का फिल्म देखना इस बात का सबूत है कि ‘शोले’ का जादू आज भी कायम है। 🎬✨
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