वो हर रात उसके लिए चाय बनाती रही… लेकिन कभी नहीं जान पाई कि वो उसे कब से चाहता था
वो हर रात उसके लिए चाय बनाती रही… लेकिन कभी नहीं जान पाई कि वो उसे कब से चाहता था बारिश की हल्की-हल्की बूंदें खिड़की से टकरा रही थीं। नेहा हमेशा की तरह रसोई में थी। गैस पर चाय चढ़ी हुई थी। घड़ी रात के साढ़े दस बजा रही थी। अमित अभी तक ऑफिस से […]
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